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क्या आप जानते हैं पूर्ण परमात्मा चारों युगों में आते हैं, अच्छी आत्माओं को मिलते हैं। में "सतयुग में सत्यसुकृत नाम से, त्रेता में मुनीन्द्र नाम से आये, द्वापर में करुणामय नाम से तथा कलयुग में अपने वास्तविक नाम कबीर नाम से प्रकट हुए।" from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years2 months ago
क्या आप जानते हैं पूर्ण परमात्मा चारों युगों में आते हैं, अच्छी आत्माओं को मिलते हैं। में "सतयुग में सत्यसुकृत नाम से, त्रेता में मुनीन्द्र नाम से आये, द्वापर में करुणामय नाम से तथा कलयुग में अपने वास्तविक नाम कबीर नाम से प्रकट हुए।" from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years2 months ago
क्या आप जानते हैं पूर्ण परमात्मा चारों युगों में आते हैं, अच्छी आत्माओं को मिलते हैं। में "सतयुग में सत्यसुकृत नाम से, त्रेता में मुनीन्द्र नाम से आये, द्वापर में करुणामय नाम से तथा कलयुग में अपने वास्तविक नाम कबीर नाम से प्रकट हुए।" from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years2 months ago
क्या आप जानते हैं पूर्ण परमात्मा चारों युगों में आते हैं, अच्छी आत्माओं को मिलते हैं। में "सतयुग में सत्यसुकृत नाम से, त्रेता में मुनीन्द्र नाम से आये, द्वापर में करुणामय नाम से तथा कलयुग में अपने वास्तविक नाम कबीर नाम से प्रकट हुए।" from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years2 months ago
जिस दिन हम सच्चे संत के सत्संग में जाते हैं उस दिन यदि हमारे भाग्य में मृत्यु भी लिखी हो तो भी परमात्मा उस मृत्यु को टाल देता है। कबीर साहेब जी कहते हैं संत शरण में आने से, आई टले बला। जो मस्तक में सूली हो, वह कांटे में टल जा।। from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years1 month 3 weeks ago
#GodMorningFriday पूर्ण परमात्मा चारों युगों में आते हैं, अच्छी आत्माओं को मिलते हैं। "सतयुग में सत्यसुकृत नाम से, त्रेता में मुनीन्द्र नाम से आये, द्वापर में करुणामय नाम से तथा कलयुग में अपने वास्तविक नाम कबीर नाम से प्रकट हुए।" Sant Rampal Ji Ma from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years2 months 3 weeks ago
#SantGaribDasJi_BodhDiwas संत गरीबदास जी का आर्विभाव सन् 1717 में हुआ तथा उनको परमेश्वर कबीर साहेब जी के दर्शन दस वर्ष की आयु में सन् 1727 में नला नामक खेत में हुए तथा सतलोक वास सन् 1778 में हुआ। from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years6 months 1 week ago
#15March_SantGaribdasJi_BodhDiwas 🪔संत गरीबदास जी का आर्विभाव सन् 1717 में हुआ तथा उनको परमेश्वर कबीर साहेब जी के दर्शन दस वर्ष की आयु में सन् 1727 में नला नामक खेत में हुए तथा सतलोक वास सन् 1778 में हुआ। पवित्र सदग्रंथों के अनुसार सही भक्तिविधि की सप्रमा from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years6 months 1 week ago
एक मिनट में ज़िंदगी तो नहीं बदल सकती, पर किसी मिनट, जल्दी में लिया गया फैसला, ज़िंदगी में सब कुछ बदल सकता है. इसलिए सारे फैसले ठंडे दिमाग से लो, जल्दबाज़ी में नहीं. from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 1 year7 months 1 week ago
Alpana और उसके प्रेमी के बीच कॉलेज के समय में एक जुनूनी यौन संबंध होता है, जहाँ वे अपनी कॉलेज की वर्दी में रहते हैं और स्पष्ट हिंदी ऑडियो में सेक्स करते हैं। Alpana अपने प्रेमी का लिंग मुँह में लेती है और उसके साथ दर्दनाक सेक्स करती है, जिससे उसकी आवा from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 0:00:31 ⏲ 1 year9 months 2 weeks ago
🔮 संत रामपाल जी महाराज जी का जन्म 8 सितंबर 1951 को गांव- धनाना, जिला सोनीपत, हरियाणा में एक जाट किसान के परिवार में हुआ। अपनी पढ़ाई पूरी करके हरियाणा राज्य में सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर की सरकारी पोस्ट पर 18 वर्ष तक कार्यरत रहे। from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 2 years11 months ago
पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years7 months 1 week ago
#AlmightyGodKabir 💠पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वे from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years8 months 2 weeks ago
#Essence_Of_BhagavadGita 📙गीता अध्याय 15 श्लोक 17 में काल ने कहा है कि वास्तव में अविनाशी परमात्मा तो इन दोनों (क्षर पुरूष तथा अक्षर पुरूष) से दूसरा ही है वही तीनों लोकों में प्रवेश करके सर्व का धारण पोषण करता है वही वास्तव में परमात्मा कहा जाता है। from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years9 months ago
17 मिनट में दहेज मुक्त विवाह (रमेैणी) विवाह में प्रचलित वर्तमान परंपरा का त्याग - विवाह में व्यर्थ का खर्चा त्यागना पड़ेगा। जैसे बेटी के विवाह में बड़ी बारात का आना, दहेज देना, यह व्यर्थ परंपरा है। जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज । Dowry Free India 🥀🥀 आध्यात from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years9 months 2 weeks ago
वेदों का ज्ञान संपूर्ण नहीं है। यजुर्वेद अध्याय 40 मंत्र 10,13 में प्रमाण है कि संपूर्ण अध्यात्मिक ज्ञान तत्वदर्शी संत बताते हैं। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज जी ही वह तत्वदर्शी संत हैं जिनके विषय में गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में कहा गया है। Sant Rampal from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 3 years11 months 3 weeks ago
🎉संत रामपाल जी महाराज जी का जन्म 8 सितंबर 1951 को गांव धनाना, जिला सोनीपत, हरियाणा में जाट किसान के घर हुआ। उनके विषय में नास्त्रेदमस ने भविष्यवाणी में कहा है एक हिन्दू संत अचानक प्रकाश में आयेगा। from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years1 month 1 week ago
गरीब दास जी ने अपनी वाणी में कहा है कि - "सतगुरु दिल्ली मण्डल आयसी, सूती धरणी सूम जगायसी“ सतगुरु/तत्वदृष्टा संत दिल्ली मण्डल में आएगा। संत रामपाल जी महाराज जी का जन्म 8 सितम्बर 1951 को हरियाणा के धनाना गांव में हुआ। जिला सोनीपत पहले दिल्ली शासित क्षेत from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years1 month 1 week ago
जैसा कि ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 161 मंत्र 2, मण्डल 9 सूक्त 80 मंत्र 2, सामवेद मंत्र संख्या 822 में लिखा है कि कबीर परमात्मा अपने साधक की आयु भी बढ़ा देता है। वर्तमान समय में कबीर परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी महाराज जी से नाम (मंत्र) उपदेश लेकर मर्यादा में from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years2 months 2 weeks ago
#ImmortalGodKabir गंगा दरिया में डुबोकर मारने की कुचेष्टा कबीर जी के हाथों में हथकड़ियां लगाई पैरों में बेड़ी तथा गले में तौक (लोहे की भारी बेल) लगाकर कर कबीर साहेब जी को मारने की कुचेष्टा की लेकिन कबीर साहेब जी की हथकड़ी, बेड़ी तथा गले की तौक अपने आप टूटfrom तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years2 months 2 weeks ago
🍁कबीर परमेश्वर का प्रकट दिवस🍁 कबीर साहेब कलयुग में सन् 1398 (विक्रमी संवत् 1455) ज्येष्ठ मास शुद्धि पूर्णमासी को ब्रह्ममूहूर्त में अपने निज धाम सत्यलोक से सशरीर आकर एक बालक रूप बनाकर भारत के काशी शहर के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर प्रकट हुए थे। इस हीfrom तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years3 months ago
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी विक्रमी 1455(सन् 1398)सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में परमेश्वर कबीर जी तेजोमय रूप में आकर काशी के लहरतारा तालाब में बालक रूप में कमल के फूल पर प्रकट हुए,इसके प्रत्यक्ष दृष्टा ऋषि अष्टानन्द जी थे #2DaysLeftForKabirPrakatDiwas Ka from तामिल कार्यालय मोसी में नीला
⏲ 4 years3 months ago